Chaitra Navaratri The right method for establishing Kalash in Navaratri

Chaitra Navaratri The right method for establishing Kalash in Navaratri

How to celebrate Chaitra Navratri

नवरात्री में कलश स्थापना करने की सही विधि क्या हैं? नवरात्रो में कलश की स्थापना पहले दिन से की जाती है। कलश स्थापना ऐसे ही नहीं की जाती बल्कि एक विधि द्वारा होती है। नवरात्रों ( chaitra navaratri )में आप किसी योग्य पंडित को बुलाकर कलश की स्थापना करवा सकते हैं। आज हम आपको बताएंगे की नवरात्री में कलश स्थापना करने की सही विधि। कलश स्थापना के लिये नवरात्री के पहले दिन स्नान करने के बाद पूजा स्थल को शुद्ध कर लें। उसके बाद सबसे पहले लकड़ी के एक आसन पर लाल रंग का कोई भी वस्त्र बिछायें। अब इस आसान पर श्री गणेश जी का स्मरण करते हुए थोड़े चावल रखें। अब मिट्टी की वेदी बनाकर उस पर जौ बोयें। अब आसान पर जल से भरा मिट्टी, सोने या तांबे का कलश स्थापित करें।

कलश पर रोली से स्वास्तिक या ऊँ बनायें। अब कलश के मुख पर रक्षा सूत्र बंधे साथ ही कलश में सिक्का, सुपारी डालकर आम या अशोक के पत्ते रखे। अब कलश को चावल से भर कर कलश के मुख को ढक्कन से ढक दे।

एक नारियल लेकर उस पर लाल रंग की चुनरी लपेटें व रक्षासूत्र से इसे बांध ले। नारियल को इस कलश के ढक्कन पर रखते हुए सभी देवी-देवताओं का याद करें और अंत में दीप जलाकर कलश की पूजा करें। नवरात्री पूजन के उपरान्त फूल व मिठाइयां चढ़ा कर माता की पूजा ध्यान पूर्वक करें। इस पूजा स्थल पर आपको कुलदेवी की प्रतिमा भी स्थापित करनी है। कलश की पूजा के बाद आपको दुर्गा चालीसा का पाठ भी करना चाहिए।

आज हमने आपको बताया है कि नवरात्री में कलश स्थापना करने की सही विधि क्या हैं? अगर आपको हमारी बताई टिप्स अछि लगी तो इसे अधिक से अधिक लोगो को शेयर करे।

 

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